धि पानी का वह संकरा मार्ग होता है जो दो विशाल जल-निकायों, जैसे सागरों या महासागरों को आपस में जोड़ता है और दो मुख्य भू-भागों को एक-दूसरे से अलग करता है। यह भौगोलिक संरचनाएँ वैश्विक व्यापार, नौवहन मार्गों और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं क्योंकि दुनिया के अधिकांश मालवाहक और तेल टैंकर इन्हीं मार्गों से होकर गुजरते हैं।
भारत के संदर्भ में पाक जलडमरूमध्य सबसे प्रमुख है, जो भारत के तमिलनाडु राज्य और श्रीलंका को अलग करता है तथा बंगाल की खाड़ी को मन्नार की खाड़ी से जोड़ता है। इसके अलावा, भारत के समुद्री क्षेत्र में महत्वपूर्ण चैनल भी मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, 10 डिग्री चैनल कार निकोबार को छोटे अंडमान से अलग करता है, जबकि 8 डिग्री और 9 डिग्री चैनल लक्षद्वीप, मिनिकॉय और मालदीव के बीच जल सीमाओं का निर्धारण करते हैं।
विश्व स्तर पर कई प्रमुख जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मलक्का जलसंधि अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ती है और हिंद महासागर व प्रशांत महासागर के बीच सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है। जिब्राल्टर जलसंधि भूमध्य सागर को अटलांटिक महासागर से जोड़कर यूरोप और अफ्रीका महाद्वीपों को अलग करती है। इसी तरह मध्य पूर्व में स्थित होर्मुज जलसंधि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ती है, जहाँ से दुनिया के कुल कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा आपूर्ति किया जाता है।
अन्य प्रमुख वैश्विक जलसंधियों में बेरिंग जलसंधि शामिल है जो एशिया में रूस और उत्तरी अमेरिका में अलास्का को अलग करती है। बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़कर स्वेज नहर के रास्ते यूरोप और एशिया के बीच व्यापार को सुगम बनाती है। डोवर जलसंधि ब्रिटेन और फ्रांस के बीच स्थित है, वहीं ग्रीनलैंड और कनाडा के बीच स्थित डेविस जलसंधि को विश्व की सबसे चौड़ी जलसंधि का दर्जा प्राप्त है।
